8 C
Munich
Tuesday, February 10, 2026

*पंडित जी- लोगों के मन मे सोची हुई बात को पर्चा में पहले ही लिख देते हैं और करते हैं समस्याओं का समाधान*

Must read

*पेंडरवां पहाड़ हनुमान मंदिर में उमड़ रही आस्था की भीड़*

*चित्रकूट धाम निवासी पंडित अजय उपाध्याय के दिव्य दरबार की चर्चा दूर-दूर तक*

रायगढ़/पेंडरवां।

पेंडरवां पहाड़ स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर इन दिनों आस्था का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां दर्शन के साथ-साथ चित्रकूट धाम निवासी पंडित अजय उपाध्याय के दरबार में अपनी अर्जी लगाने पहुंच रहे हैं।

दरअसल पंडित अजय उपाध्याय बागेश्वर धाम सरकार की तर्ज पर पर्चे के माध्यम से भक्तों के मन की बात को बताने से पहले ही लिख देते हैं साथ उनकी समस्याएं और समाधान भी बताते हैं, जो शत-प्रतिशत सत्य सिद्ध होने का दावा भक्त स्वयं कर रहे हैं। इसी कारण उनकी ख्याति छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के राज्यों तक फैल चुकी है।

छत्तीसगढ़ वॉइस न्यूज़ की टीम ने स्वयं पेडरवां हनुमान मंदिर पहुंचकर इस दिव्य दरबार का अनुभव किया। दरबार में प्रवेश करते ही एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। भक्तों का कहना है कि पंडित अजय उपाध्याय के पास कोई सामान्य शक्ति नहीं, बल्कि हनुमान जी और माता संतोषी की विशेष कृपा है।

पंडित अजय उपाध्याय स्वयं स्पष्ट करते हैं—

“यह कोई विद्या या सिद्धि नहीं है। यह केवल प्रभु की कृपा है। हनुमान जी जो लिखवाते हैं, वही मैं पर्चे के माध्यम से भक्तों को बता देता हूं।”

पंडित जी के पिताजी ने जानकारी देते हुए बताया कि

दरबार प्रतिदिन सुबह 9 बजे से 12 बजे तक तथा शाम 3 बजे से 6:30 बजे तक लगाया जाता है।

रोज़ाना लगभग 200 से 300 श्रद्धालु अर्जी लगाते हैं।

रविवार और सोमवार को दरबार बंद रहता है, इन दिनों ताबीज और भभूति का वितरण किया जाता है।

मनोकामना पूर्ति के लिए श्रद्धालु लाल कपड़े में नारियल बांधकर हनुमान जी के चरणों में अर्जी लगाते हैं। वहीं किसी को प्रेत बाधा या गंभीर समस्या होने पर काले कपड़े में नारियल बांधने की सलाह दी जाती है।

पंडित जी का मार्गदर्शन है—

“अर्जी लगाने के बाद राम नाम का जाप करें और माता संतोषी का ध्यान करें, कृपा निश्चित रूप से प्राप्त होगी।”

*पर्यटन और प्रकृति से भी भरपूर पेंडरवां पहाड़*

पेंडरवां पहाड़ न केवल धार्मिक स्थल है, बल्कि एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो रहा है। पहाड़ की सीढ़ियों के दोनों ओर जामुन और आम के वृक्ष, चारों तरफ घने पेड़-पौधे और हरियाली श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ प्राकृतिक आनंद भी प्रदान करती है।

धार्मिक आस्था, दिव्य अनुभूति और प्रकृति की सुंदरता—

तीनों का संगम बना है पेडरवा पहाड़ हनुमान मंदिर, जहां हर दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात की गवाही दे रही है।

spot_img

More articles

Latest article