पंडित रविभूषण शास्त्री ने किया स्वागत का आह्वान

रायगढ़/पंडरीपानी
आगामी 14 फरवरी 2026 को माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम पंडरीपानी, गजमार पहाड़ी के पीछे स्थित हरियाली से आच्छादित पावन महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन-पूजन हेतु पहुंचेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम 5 बजे हेलिपैड (लाल मैदान) पर आगमन के पश्चात वे मंदिर पहुंचकर माता महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना एवं महाआरती करेंगे तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रविभूषण शास्त्री ने मुख्यमंत्री जी के प्रस्तावित आगमन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि माँ महालक्ष्मी की कृपा से यह धाम अल्प समय में ही श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। शास्त्री जी ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे 14 फरवरी को मंदिर पहुँचकर माता के दर्शन का लाभ लें और प्रदेश के कल्याण हेतु प्रार्थना में सहभागी बनें।
पंडरीपानी स्थित महालक्ष्मी मंदिर की नींव वर्ष 2017 में रखी गई थी और 2023 में निर्माण पूर्ण हुआ। 6 से 10 दिसंबर के शुभ मुहूर्त में प्राणप्रतिष्ठा संपन्न हुई। मंदिर में 10 महाविद्याएं — तारा, काली, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुरभैरवी, धूमावती, बगुलामुखी, मातंगी एवं माँ कमला विराजमान हैं। साथ ही माँ विमला, माँ मंगला एवं भैरव बाबा भी स्थापित हैं।
वैष्णवदेवी धाम से लाकर स्थापित तीन पिंडियाँ — महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती — विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। सीढ़ियों के द्वार पर 12 गजदेवता, माता के द्वारपाल जय-विजय तथा द्वार पर गजलक्ष्मी की प्रतिमा मंदिर की भव्यता को और बढ़ाती है। मंदिर में 11 छोटे गुम्बज और एक विशाल नीलचक्र स्थापित है।
मंदिर प्रांगण में स्थित प्राचीन प्राकृतिक ‘सप्ततीर्थ कूप’ अत्यंत पवित्र माना जाता है, जहां स्नान से ग्रह दोषों की शांति होने की मान्यता है। मंदिर के नीचे स्थित भवन का नाम पंडित रविभूषण शास्त्री ने अपनी माता स्व. श्रीमती प्रियंबदा मिश्रा की स्मृति में ‘प्रियंबदा भवन’ रखा है।
मुख्यमंत्री जी के आगमन को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है तथा प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा तैयारियाँ प्रारंभ कर दी गई हैं।

