
एनीफ़ौना अभियान हर वर्ष शीत ऋतु के दौरान पूरे भारत में चलाया जाता है। इस मौसम में नदियों, सरोवरों और झीलों जैसे जल क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी कुछ समय के लिए आते हैं। इनके स्वागत, संरक्षण और सुरक्षा के उद्देश्य से यह अभियान संचालित किया जाता है।
इसी कड़ी में 18 से 20 जनवरी तक छत्तीसगढ़ और उड़ीसा की सीमा पर स्थित ग्राम भीखमपाली, पूजरीघाट में एनीफ़ौना अभियान के तहत विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान उड़ीसा फॉरेस्ट विभाग द्वारा महानदी क्षेत्र में नाव के माध्यम से गश्त कर प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा का निरीक्षण किया गया।
फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी मिलन दास ने बताया कि इस क्षेत्र में पहुंचे प्रवासी पक्षी अत्यंत सुंदर हैं, जिन्हें देखकर मन आनंदित हो उठता है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय शिविर के दौरान महानदी के ठेल एरिया में आए पक्षियों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि कोई भी व्यक्ति उन्हें नुकसान न पहुंचाए या डराकर भगाने की कोशिश न करे।
वन विभाग की इस पहल से न केवल प्रवासी पक्षियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है।

