*रेलवे दुर्घटना में मादा हाथी की मौत, वन्यजीव सुरक्षा पर उठे सवाल*

रायगढ़/चारमार, 16 जून 2026 | छत्तीसगढ़ वॉइस न्यूज़

रायगढ़ वनमंडल के चारमार परिसर अंतर्गत नावापारा (टेंडा) परिवृत के विचरण कक्ष क्रमांक 1264PF में 9 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दल देहरीडीहि बीट से आया है तथा इसके छालरेंज (छर्राटांगर) की ओर बढ़ने की संभावना है।

हाथियों के इस दल में 2 नर, 6 मादा तथा 1 शावक शामिल है। वन विभाग द्वारा पदचिह्नों के आधार पर हाथियों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। वर्तमान में हाथियों द्वारा किसी प्रकार की फसल या संपत्ति की क्षति की सूचना नहीं है।

इसी बीच चारमार ग्राम के समीप एक दुखद घटना सामने आई है। रेलवे लाइन पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक मादा हाथी की मृत्यु हो गई। घटना के बाद वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ क्षेत्र में उद्योगों के विस्तार के साथ रेलवे नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार हुआ है। जहां एक ओर इससे क्षेत्र में यातायात और औद्योगिक सुविधाएं बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर वन क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली रेलवे लाइनों के कारण वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों के लिए खतरा भी बढ़ता जा रहा है।

वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए शासन एवं रेलवे प्रशासन को विशेष कदम उठाने चाहिए। हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में गति नियंत्रण, चेतावनी प्रणाली तथा वन्यजीव कॉरिडोर जैसी व्यवस्थाओं पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

सूचना स्रोत: अनिल कुमार सिदार, फॉरेस्ट गार्ड, BFO चारमार

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