वीडियो देखने के लिये नीचे जाएं 👇👇👇👇
रायगढ़ शहर में काली माता के प्रति गहरी आस्था रखने वाले मनोज देवांगन इन दिनों अपनी अनोखी श्रद्धा और संकल्प के कारण लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। मनोज देवांगन के अनुसार कुछ समय पहले उनके पिता को हार्ट अटैक आने के बाद परिवार में काफी परेशानियां बढ़ गईं, जिससे वे मानसिक रूप से बेहद चिंतित हो गए थे।
इसी दौरान उन्हें स्वप्न में काली माता के दर्शन हुए। मनोज बताते हैं कि स्वप्न में माता ने उन्हें आदेश दिया कि वे उनकी पूजा-अर्चना करें, रथ यात्रा निकालें और श्रद्धा के साथ पूरे शहर की परिक्रमा करें। माता के इस आदेश को मनोज ने अपनी आस्था मानते हुए 111 दिनों का संकल्प लिया।
अपने संकल्प के तहत मनोज ने परिक्रमा की अलग-अलग चरणों में व्यवस्था तय की है। पहले दिन से 11वें दिन तक वे दंडवत करते हुए परिक्रमा करेंगे। 12वें दिन से 31वें दिन तक छोटे रथ के साथ परिक्रमा की जाएगी, जबकि 32वें दिन से 51वें दिन तक बड़े भव्य रथ में माता की परिक्रमा निकाली जाएगी। इसके बाद 52वें दिन से आगे की परिक्रमा माता के आदेश और परिस्थिति के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
मनोज ने बताया कि लगभग दो माह पहले भी उन्होंने रायगढ़ शहर में काली माता को रथ में विराजमान कर परिक्रमा कराई थी। उस समय श्रद्धालुओं ने माता के चरणों में दान और दुआ दी थी। उन दान के पैसों को मनोज ने एक पात्र में सजा कर सुरक्षित रखा है, क्योंकि वे उसे अपने पिता के लिए लोगों की दुआ मानते हैं। आज भी वह पात्र रथ और घर में सम्मानपूर्वक माता के चरणों में रखा हुआ है।
मनोज देवांगन द्वारा तैयार किया गया भव्य और आकर्षक रथ लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। रथ को देखकर शहर के लोग श्रद्धा के साथ माता के दर्शन कर मत्था टेकते नजर आए। मनोज अपने परिवार के साथ शहर में माता के रथ की परिक्रमा करते हुए दिखाई दिए।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने मनोज की आस्था की सराहना करते हुए माता से प्रार्थना की कि उनकी मनोकामना पूर्ण हो और उनके परिवार की सभी परेशानियां दूर हों। मनोज का कहना है कि उन्होंने पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ माता का रथ निकाला है, ताकि माता उनकी कठिनाइयों को दूर करें और परिवार को सुख-शांति प्रदान करें।

