नर्मदोत्सव में बिखरी रायगढ़ के माटी की महक

रायगढ़ की बेटी परिणीति ने किया मधुगुंजन सांस्कृतिक स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन

स्पर्धा में द्वितीय स्थान प्राप्त कर बढ़ाया रायगढ़ का मान

अपनी कथक नृत्य की प्रस्तुति से मोहा दर्शकों का मन

रायगढ़ / मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में हरीतिमा के बीच एक सुंदर साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजन 2 अक्टूबर 2026 हुआ जिसका नाम था नर्मदोत्सव मधुगुंजन  l देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए आयोजित की गई इस नाटक स्पर्धा में न केवल रायगढ़ बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से अलग-अलग क्षेत्र से कलाकार शामिल हुए जिसमें अपनी कथक कला का प्रदर्शन करते हुए रायगढ़ की बेटी कुमारी परिणीति शर्मा ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर न केवल शहर को गौरवान्वित किया है बल्कि अपने परिवार एवं गुरुजनों का मान भी बढ़ाया है l 

कुमारी परिणीति शहर के कार्मल कन्वेंट स्कूल में कक्षा छठवीं में अध्यनरत है एवं विजयपुर निवासी संजय शर्मा व ज्योत्सना शर्मा की पुत्री हैं एवं जिला उत्कल जिला उत्कल ब्राह्मण समाज के तहसील अध्यक्ष चित्र सेन शर्मा एवं डोलेश्वरी शर्मा की पोती हैl  कला और संस्कृति को समर्पित यह आयोजन रायगढ़ के  वैष्णव संगीत विद्यालय की तरफ से श्री शरद वैष्णव जी द्वारा आयोजित की गई थी जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से प्रतिभागी शामिल हुए थे l

बेटी की इस सफलता पर उनके माता-पिता ने बच्चों की मेहनत एवं प्रशिक्षकों की कुशल निर्देशन की तारीफ करते हुए गदगद है l परिजनों के साथ-साथ इस सफलता पर विद्यालय परिवार एवं नाते रिश्तेदारों उत्साह का माहौल बना हुआ हैl विदित हो कि मई माह में महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित भारत उत्सव 2026 डांस ड्रामा एंड वोकल फेस्टिवल में भी परिणीति शर्मा ने शानदार उपलब्धि हासिल की थी l  नृत्य, नाट्य, गीत एवं संगीत फेस्टिवल में देश के विभिन्न शहरों से सांस्कृतिक विरासत को संजोते सैकड़ो कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी थी जिनमे से कुमारी परिणीति शर्मा ने भी वरीयता  सूचि में अपना नाम दर्ज कर नगर का मान बढ़ाया हैl 

 लगातार प्रयास ही खोलता है सफलता के द्वार

परिणीति बचपन से ही नृत्य एवं सांस्कृतिक विधा में रुचि रखती हैं जिसका परिचय उन्होंने न केवल विद्यालय गतिविधियों बल्कि सामाजिक एवं अन्य क्षेत्रों में की जाने वाली  प्रतियोगिताओं एवं अन्य आयोजनों में दी गई अपनी शानदार प्रस्तुति से दिया हैl अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं दादा-दादी सहित परिजनों और गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन को देती हुई परिणीति कहती है कि लगातार परिश्रम करने से मौका जरूर मिलता है हमें अपने हर मौके को साबित करने के लिए सच्चा प्रयास करना चाहिएl

सांस्कृतिक क्षेत्र में अलग है रायगढ़ का वजूद

यहां यह बताना भी लाजिमी होगा कि रायगढ़ शहर की सांस्कृतिक धरोहर गीत संगीत नृत्य के क्षेत्र में एक अलग ही पहचान बनी हुई है यहां के बच्चे हो या बड़े कल के क्षेत्र में जिन्होंने भी हाथ आजमाया है मां शारदे की कृपा उन पर सदैव बनी हुई हैI कहते हैं सफलता उसी को मिलती है जो परिश्रम से नहीं घबराता है इस बेटी इनके जैसी उन तमाम बेटियों की सफलता ने एक नया आयाम रचते हुए औरों को भी प्रेरित किया है l आने वाले समय में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में इसी तरह से शहर के कला साहित्य के साधन अपना परचम रायगढ़ के साथ-साथ पूरे देश में लहराते रहेंगेl

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