*बोर्ड और पहलगाम डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ-साथ सुरक्षाकर्मी की एडवांस टीम ने मंदिर के आसपास के इलाकों में हालात की समीक्षा की और यात्रा के लिए तैयारियों का जायजा लिया*
*अधिकारियों ने तैयारियों का लिया जायजा, लंगर और सुरक्षा व्यवस्था जांची*
अमरनाथ बाबा के भक्तों के लिए कश्मीर घाटी से एक अच्छी ख़बर आई है. यहां अमरनाथ श्राइन बोर्ड के यात्रा की तारीख के ऐलान के 24 घंटों के भीतर ही पवित्र अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आ गई है. इस तस्वीर में पूरे आकार में बने हुए हिमलिंग को देखा जा सकता है. इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के शरू होने से पहले ही कुछ शिव भक्तों का दावा है कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते में उन्होंने पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के पहले दर्शन किए हैं और साथ में इस तस्वीर में बाबा बर्फीनी अपने पूरे आकार में दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, आधिकारिक तौर पर पवित्र शिवलिंग या गुफा की कोई तस्वीर जारी नहीं की गई है, लेकिन पंजाब के कुछ भक्त यहां पहुंचे थे, जिन्होंने ये तस्वीरें ली हैं. वहीं, अमरनाथ श्राइन बोर्ड और पहलगाम डेवलपमेंट अथॉरिटी के साथ-साथ सुरक्षाकर्मी की एडवांस टीम ने मंदिर के आसपास के इलाकों में हालात की समीक्षा की और यात्रा के लिए ज़रूरी तैयारियों का जायजा लिया, जिसमें लंगर लगाने से लेकर ट्रैक की सफाई तक के सभी काम शामिल हैं.
कैसे बाबा की पहली तस्वीर सामने आई?
बाबा बर्फानी के भक्त हमेशा ही भोलेनाथ के खास दर्शन के लिए आतुर रहते हैं. इस बार कुछ भक्त अमरनाथ यात्रा शुरू होने से दो महीने पहले ही भगवान शिव के बर्फ से बनने वाले शिवलिंग के दर्शन करा रहे हैं. गौर हो कि इस साल की अमरनाथ यात्रा कुल 57 दिन की होगी जो 3 जुलाई से शरू होकर 28 अगस्त तक यानि रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगी. वहीं, बाबा बर्फानी की प्रथमपूजा ज्येष्ठ पूर्णिमा यानी 29 जून को होगी. इस साल यात्रा 57 दिन की होगी. यात्रा के लिए पंजीकरण 15 अप्रैल से शुरू होंगे, जो देश भर में 554 बैंक की विभिन्न शाखाओं के माध्यम से ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से उपलब्ध होंगे.
यात्रा के रास्ते हटाई जा रही बर्फ
अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन और जम्मू कश्मीर के उपराजपाल मनोज सिन्हा ने रविवार (11 अप्रैल) को अमरनाथ यात्रा की तिथि की घोषणा की थी. इसके साथ ही उन्होंने देशवासियो को यात्रा में बढ़-चढ़कर शामिल होने का भी आग्रह किया. इस साल की अमरनाथ यात्रा के लिए तैयारियां शुरू हो गई है. यात्रा के रास्ते पर बर्फ को साफ करने का काम तेजी से चल रहा है. बर्फ को काट कर ट्रैक को यात्रियों के चलने लायक बनाने का काम दोनों रास्तों (बालतल और चंदनवाड़ी) से किया जा रहा है, ताकि शुरू होने वाली यात्रा से पहले ट्रैक बनाने का काम पूरा किया जा सके.
पहलगाम डेवलपमेंट अथॉरिटी के प्रमुख मीर नसरूल हलाल के अनुसार, निगम अमरनाथ यात्रा के लिए मुख्य एजेंसी ने यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ काम शुरू कर दिया है, जिनमें यात्रा में मदद देने वाले लंगर मालिक से लेकर घोड़े-पीठों वाले शामिल हैं. उनहोंने कहा, "यह यात्रा हमारे लिए एक बहुत खास महत्व रखती है, जो ना केवल एक धार्मिक कार्य है, बल्कि पहलगाम के पर्यटकों के लिए सुरक्षा का भी सबूत होगा"
बर्फ़बारी के चलते ट्रैक को काफी नुकसान
उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बर्फबारी के चलते पूरे ट्रैक की सफाई के काम में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ट्रैक पर इस बार पिछले सालों की तुलना में कई गुना अधिक बर्फबारी हुई है और अभी भी पूरे रास्ते पर दस से बीस फीट बर्फ मौजूद है. इसका सबूत हाल ही में बालटाल के रास्ते पर चल रहे ट्रैक की सफाई के काम की सामने आई ताज़ा तस्वीरों में भी साफ देखा जा सकता है. बर्फ़बारी के चलते ट्रैक को भी काफ़ी नुकसाल पहुंचा है, जिसे ठीक करने का काम जारी है



